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हिन्दी का साहित्यिक इतिहास लेखनः डॉ. अजय तिवारी

हिन्दी का साहित्यिक इतिहास लेखनः डॉ. अजय तिवारी

हिन्दी का साहित्यिक इतिहास कैसे लिखें? डॉ. अजय तिवारी     डॉ. अजय तिवारी साहित्य के इतिहास-लेखन को लेकर लंबे समय से चिंता व्यक्त की जाती रही है। पिछले दिनों भारतीय भाषा...

मदन पाल सिंह के उपन्यास ‘हरामी’ का एक दिलचस्प अंश

मदन पाल सिंह के उपन्यास ‘हरामी’ का एक दिलचस्प अंश

    सन्तति, अवतरण और लीलाएँ मदन पाल सिंह   बाबा अलाव के पास खाँसता था। साथ ही सूखे-झुर्रीदार घुटनों पर ठुड्डी टिकाये, दुविधा और ख़ुशी के भँवर में डूबता-उतरता, आग कुरेदने लगता... ...

सुशांत सुप्रिय के कहानी संग्रह पर सुषमा मुनीन्द्र

सुशांत सुप्रिय के कहानी संग्रह पर सुषमा मुनीन्द्र

            समाज की दशा और दिशा – पाँचवी दिशा    सुषमा मुनीन्द्र   सुषमा मुनीन्द्र कविता, कहानी, अनुवाद, कथेतर गद्य जैसी रचनाधर्मिता से अपने रचना संसार को समृद्ध...

सौमित्र की कविताएँ

सौमित्र की कविताएँ

सौमित्र सौमित्र की कविताएँ घर आँगन से होती हुई प्रकृति के विशाल फलक तक तो जाती ही हैं वे उम्मीद और प्रेम सहेजे रखना भी जानती हैं। स्नोतकोत्तर की पढ़ाई के बाद...

कुँवर नारायण के जन्मदिन पर पंकज कुमार बोस का एक महत्वपूर्ण आलेख

आरम्भ का कवि और अन्त का द्रष्टा पंकज कुमार बोस कुँवर नारायण कुँवर नारायण हमेशा एक मनुष्य और कवि के रूप में सार्थकता की तलाश करते रहे, लेकिन जीवन से कभी कोई...

जयशंकर प्रसाद के जीवन-युग पर केंद्रित उपन्यास ‘कंथा’ का एक महत्वपूर्ण अंश

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI   कंथा  श्याम बिहारी श्यामल सुपरिचित कथाकार श्याम बिहारी श्यामल ने अपनी इस कृति में प्रसाद का जीवन-चित्र तो आँका ही है, बीसवीं सदी...

भरत प्रसाद द्वारा लिखे जा रहे उपन्यास ‘लाल क्षितिज का पक्षी’ का एक रोचक अंश

उपन्यास अंश लाल क्षितिज का पक्षी भरत प्रसाद             जे0एन0यू0 अर्थात् ‘जानते नहीं तुम’ या ‘जीवन को न करो उदास’। चाहो तो जे0एन0यू0 का गूढ़ार्थ ‘‘जाम नहीं है उपेक्षणीय’’। वैसे तो मध्यकालीन...

मिथिलेश कुमार राय की नई कविताएँ

मिथिलेश अपने कहन में अलग तरह के मुहावरे रचने वाले कवि हैं जो उनकी कविता को सीधे-सीधे लोक संवेदना से जोड़ता है। उनकी कविता में गंवई संस्कृति की अनुगूँज तो है ही...

समीक्षा-समीक्षा – हरे प्रकाश के नए कविता संग्रह पर राहुल देव

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI नया रास्ता खोजती कविताएं -    राहुल देव   हरे प्रकाश उपाध्याय समकालीन कविता का एक प्रमुख युवा स्वर हैं। सन 2009 में ‘खिलाड़ी दोस्त...

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