मिथिलेश कुमार राय की नई कविताएँ
मिथिलेश अपने कहन में अलग तरह के मुहावरे रचने वाले कवि हैं जो उनकी कविता को सीधे-सीधे लोक संवेदना से जोड़ता है। उनकी कविता में गंवई संस्कृति की अनुगूँज तो है ही...
मिथिलेश अपने कहन में अलग तरह के मुहावरे रचने वाले कवि हैं जो उनकी कविता को सीधे-सीधे लोक संवेदना से जोड़ता है। उनकी कविता में गंवई संस्कृति की अनुगूँज तो है ही...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI नया रास्ता खोजती कविताएं - राहुल देव हरे प्रकाश उपाध्याय समकालीन कविता का एक प्रमुख युवा स्वर हैं। सन 2009 में ‘खिलाड़ी दोस्त...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 वसंत सकरगाए बहुत समय से कविताएँ लिख रहे हैं। उनकी कविता 'हरसूद में बाल्टियों' से लेकर 'आज के दिन जन्मे हुए बालक'...
जयश्री रॉयजयश्री रॉय की कहानियाँ हम अनहद कोलकाता पर पहले भी पढ़ चुके हैं। जयश्री रॉय हिन्दी की चर्चित कथाकार हैं। उनकी कहानियों का रेंज बहुत व्यापक है। अपनी भिन्न कहन एवं...
संदीप प्रसाद Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 युद्धजीवी हम लड़ना शुरू करते हैं और चल पड़ती हैं इनकी दुकानें।युद्धजीवी बदल देते हैं रंगों के मायनेऔर उनमें बुझा कर...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 दिल्ली में पितापिता से जब भी मैं कहता किबाबूजी , कुछ दिन आप मेरे पास आ करदिल्ली में रहिएतो वे हँस कर टाल...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI सरलता के आकाश त्रिलोचनकुमार अनिलत्रिलोचन को याद करते हुए पता नहीं क्यों मन अपने को गांव से जोड़ते हुए बरहज आश्रम में होने वाली...
साहित्यिक पत्रिका सम्मेलनसंकट से संभावनाओं की ओरप्रस्तुति : पीयूषकांतकोलकाता में 16-17 फरवरी 2019 को आयोजित साहित्यिक पत्रिका सम्मेलन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण था कि यह जयपुर में आयोजित लघु पत्रिका सम्मेलन (2001)...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 @कल्पना लाइव : एक पाठकीय प्रतिक्रियायतीश कुमार'जाओ .... थोड़ा एकांत उठा लाओइन शब्दों को हद में रहने का सलीक़ा तो आये।'एक ऐसी लेखिका...
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