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भरत प्रसाद द्वारा लिखे जा रहे उपन्यास ‘लाल क्षितिज का पक्षी’ का एक रोचक अंश

उपन्यास अंश लाल क्षितिज का पक्षी भरत प्रसाद             जे0एन0यू0 अर्थात् ‘जानते नहीं तुम’ या ‘जीवन को न करो उदास’। चाहो तो जे0एन0यू0 का गूढ़ार्थ ‘‘जाम नहीं है उपेक्षणीय’’। वैसे तो मध्यकालीन...

मिथिलेश कुमार राय की नई कविताएँ

मिथिलेश अपने कहन में अलग तरह के मुहावरे रचने वाले कवि हैं जो उनकी कविता को सीधे-सीधे लोक संवेदना से जोड़ता है। उनकी कविता में गंवई संस्कृति की अनुगूँज तो है ही...

समीक्षा-समीक्षा – हरे प्रकाश के नए कविता संग्रह पर राहुल देव

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI नया रास्ता खोजती कविताएं -    राहुल देव   हरे प्रकाश उपाध्याय समकालीन कविता का एक प्रमुख युवा स्वर हैं। सन 2009 में ‘खिलाड़ी दोस्त...

वसंत सकरगाए की कविताएँ

  Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 वसंत सकरगाए बहुत समय से कविताएँ लिख रहे हैं। उनकी कविता 'हरसूद में बाल्टियों' से लेकर 'आज के दिन जन्मे हुए बालक'...

हंस कथा सम्मान से सम्मानित जयश्री रॉय की कहानी – माँ का कमरा

जयश्री रॉयजयश्री रॉय की कहानियाँ हम अनहद कोलकाता पर पहले भी पढ़ चुके हैं। जयश्री रॉय हिन्दी की चर्चित कथाकार हैं। उनकी कहानियों का रेंज बहुत व्यापक है। अपनी भिन्न कहन एवं...

संदीप प्रसाद की कविताएँ

संदीप प्रसाद Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 युद्धजीवी हम लड़ना शुरू करते हैं और चल पड़ती हैं इनकी दुकानें।युद्धजीवी बदल देते हैं रंगों के मायनेऔर उनमें बुझा कर...

महाकवि त्रिलोचन पर कुमार अनिल

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI सरलता के आकाश त्रिलोचनकुमार अनिलत्रिलोचन को याद करते हुए पता नहीं क्यों मन अपने को गांव से जोड़ते हुए बरहज आश्रम में होने वाली...

साहित्यिक पत्रिका सम्मेलन: एक रिपोर्ट

साहित्यिक पत्रिका सम्मेलनसंकट से संभावनाओं की ओरप्रस्तुति : पीयूषकांतकोलकाता में 16-17 फरवरी 2019 को आयोजित साहित्यिक पत्रिका सम्मेलन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण था कि यह जयपुर में आयोजित लघु पत्रिका सम्मेलन (2001)...

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