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अंकिता रासुरी के पहले संग्रह ‘अधूरे प्रेम की पूरी दुनिया’ से चुनी हुई कुछ कविताएँ

अंकिता रासुरी के पहले संग्रह ‘अधूरे प्रेम की पूरी दुनिया’ से चुनी हुई कुछ कविताएँ

प्रकाशकः साहित्य अकादमी साहित्य अकादमी, दिल्ली से प्रकाशित अंकिता रासुरी का पहला कविता संग्रह  'अधूरे प्रेम की पूरी दुनिया’ प्रेम, विरह, स्मृति, स्त्री-अनुभव और जीवन के उन अनकहे हिस्सों का काव्य-संसार है,...

‘आत्मनिर्भर भारत : लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर पूर्ण दिवसीय राष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन

‘आत्मनिर्भर भारत : लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर पूर्ण दिवसीय राष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन

नराकास, कोलकाता (कार्यालय-2) के तत्वावधान में सीएसआईआर-केन्द्रीय काँच एवं सिरामिक अनुसंधान संस्थान, कोलकाता में दिनांक 30.03.2026 को ‘आत्मनिर्भर भारत लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय भाषाओं की भूमिका’ विषय पर पूर्ण दिवसीय राष्ट्रीय...

ललन चतुर्वेदी की कविताएँ

ललन चतुर्वेदी के सद्य प्रकाशित कविता संग्रह ‘आवाज घर’ से सात कविताएँ

  ललन चतुर्वेदी की कविताओं की सहजता एवं संवेदनशीलता तो आकर्षित करती ही है, उन कविताओं के विषय भी कम  मानीखेज नहीं है। ललन जी अपनी कविताओं में इस दुनिया के बदलते...

गीता मलिक की कविताएँ

गीता मलिक की कविताएँ

गीता मलिक गीता मलिक बहुत समय से सोशल मिडिया पर अनामिका सिंह के नाम से कविताएँ लिखती रही हैं और उनकी कविताओं को पढ़ता और सराहता भी रहा हूँ। हाल ही में...

बेबी शॉ की कविताएँ

बेबी शॉ की कविताएँ

बेबी शॉ बेबी शॉ की कविताएँ सहज मन से उपजी कोमल गान की तरह हैं जो बहुत देर तक हमारे जेहन में ठहर कर हमें कुछ सोचने को विवश करती हैं। 'लोग...

जिगरी यार – लुइगी पिरांदेलो

जिगरी यार – लुइगी पिरांदेलो

जिगरी यार मूल लेखक : लुइगी पिरांदेलो लुइगी पिरांदेलो अनुवाद : सुशांत सुप्रिय गिगी मियर ने उस सुबह एक पुराना लबादा पहन रखा था ( जब आप चालीस से ऊपर के हों...

मेरी ढाका डायरी – मधु कांकरिया

मेरी ढाका डायरी – मधु कांकरिया

मेरी ढाका डायरी – मधु कांकरिया ( एक दिलचस्प अंश ) मधु कांकरिया वरिष्ठ कथाकार मधु कांकरिया की 'मेरी ढाका डायरी' एक प्रबुद्ध व्यक्ति की आँख से एक देश और उसके समाज...

रूपा सिंह की कहानी – लकीरें

रूपा सिंह की कहानी – लकीरें

रूपा सिंह रूपा सिंह की कहानियाँ हमें मानवीय संबंधों और उनकी विसंगतियों की ओर ले जाती हैं और हमें पता ही नहीं चलता कि हम कब उनकी कहानियों का हिस्सा हो गए...

तीरगी में रौशनी ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण

तीरगी में रौशनी ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण

तीरगी में रौशनी ग़ज़ल संग्रह का लोकार्पण  आज दिनांक 15/04/2025 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के हिन्दी विभाग के रामचंद्र शुक्ल सभागार में विभागाध्य प्रो. वशिष्ठ अनूप के संरक्षण में डॉ. सुनील...

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