लोचन कोना – 4
लोकप्रियता और लोकशक्ति के दुश्चक्र में कविता उदास प्रफुल्ल कोलख्यान अभिव्यक्ति नहीं तो व्यक्ति नहीं! व्यक्ति अपने को अस्वीकार किया...
लोकप्रियता और लोकशक्ति के दुश्चक्र में कविता उदास प्रफुल्ल कोलख्यान अभिव्यक्ति नहीं तो व्यक्ति नहीं! व्यक्ति अपने को अस्वीकार किया...
सुरेन्द्र प्रजापति सुरेन्द्र प्रजापति की इन कविताओं में प्रेम, मानवीय संबंधों की ऊष्मा, सामाजिक विडंबनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के संकट...
सुशांत सुप्रिय सुशांत सुप्रिय की इन कविताओं का केंद्रीय स्वर अपने समय की राजनीतिक विडंबनाओं, सामाजिक विसंगतियों, मनुष्य के...
यह अनुवाद प्रतिष्ठित पत्रिका पेरिस रिव्यु से साभार लिया गया है। यह साक्षात्कार विल ऐटकिन ने साल 2002 में लिया था।...
स्वप्निल श्रीवास्तव स्वप्निल श्रीवास्तव की इन कविताओं का वैशिष्ट्य उनकी सहज भाषा, अनुभवजन्य दृष्टि और जीवन के साधारण प्रसंगों में...
वह जो उनका अक्षय आश्रय है शुभ चक्रबर्ती विल्फ्रेड ओवेन युद्ध में युवा कवि विल्फ्रेड ओवेन की असामयिक मृत्यु के...
सब से कठिन और कंटीला सवाल ---- हिंदी का अधिकतर लेखक हिंदी का पाठक क्यों नहीं रहा! यह तो...
संदीप तोमर ‘वह भागी थी’ केवल किसी लड़की के घर छोड़ देने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस समाज...
चन्दन कुमार चन्दन कुमार की कविताओं में समकालीन सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ के प्रति तीखा प्रतिरोध दिखाई देता है। कवि का मूल...
लैंगस्टन ह्यूज़ (1901-1967) लैंगस्टन ह्यूज़ (1901-1967) हार्लेम पुनर्जागरण के एक प्रमुख व्यक्ति थे, जो 1920 के दशक में कई अमेरिकी...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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