नई कविताएँ : अदनान कफ़ील दरवेश
नई कविताएँ : अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश की ये नई कविताएँ अपने समय, समाज ...
नई कविताएँ : अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश की ये नई कविताएँ अपने समय, समाज ...
प्रकाशकः साहित्य अकादमी साहित्य अकादमी, दिल्ली से प्रकाशित अंकिता रासुरी का पहला कविता संग्रह 'अधूरे प्रेम की पूरी दुनिया’ प्रेम, ...
जयमाला जयमाला की कविताएं स्तरीय पत्र - पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहीं हैं। प्रस्तुत कविताओं में स्त्री मन के ...
शालू शुक्ला कई बार कविताएँ जब स्वतःस्फूर्त होती हैं तो वे संवेदना में गहरे डूब जाती हैं - हिन्दी कविता ...
ममता जयंत ममता जयंत की कविताओं में सहज जीवन के चित्र हैं जो आकर्षित करते हैं और एक बेहद संभावनाशील ...
चित्रा पंवार चित्रा पंवार संभावनाशील कवि हैं और इनकी कविताओं से यह आशा बंधती है कि हिन्दी कविता के भविष्य ...
रीता दास राम रीता दास राम की उपलब्धियाँ बहुत हैं जिनमें एक यह है कि वे कविता में सहज और ...
शिप्रा मिश्रा नदी अपना मार्ग स्वयं बनाती है कोई नहीं पुचकारता उछालता उसे कोई उसकी ठेस पर मरहम नहीं लगाता ...
शालिनी सिंह ''जीवन देवताओं के साथ बीत रहा है निश्चिंत भेद करना कठिन है कि जीवन में देवता बचे हैं ...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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