ब्रॉउन कुमार – सत्यनारायण पटेल
सत्यनारायण पटेल सत्यनारायण पटेल की कहानी ‘ब्रॉउन कुमार’ समकालीन भारतीय समाज, राजनीति और व्यवस्था के अंतर्विरोधों को तीखे व्यंग्य के ...
सत्यनारायण पटेल सत्यनारायण पटेल की कहानी ‘ब्रॉउन कुमार’ समकालीन भारतीय समाज, राजनीति और व्यवस्था के अंतर्विरोधों को तीखे व्यंग्य के ...
अमिता नीरव अमिता नीरव की कहानी ‘लाल चाय’ अपरिचित परिवेश में स्त्री की असुरक्षा, अंतर्बोध और भय की मनोवैज्ञानिक पड़ताल ...
संदीप तोमर ‘वह भागी थी’ केवल किसी लड़की के घर छोड़ देने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस समाज ...
विजयशंकर चतुर्वेदी ‘रोशनी वाला आदमी’ विजयशंकर चतुर्वेदी की ऐसी कहानी है जो सत्ता, संस्थान और बौद्धिक विवेक के बीच बढ़ते ...
शिवानी शांतिनिकेतन शिवानी ‘शांतिनिकेतन’ की यह कहानी केवल एक बेटी के अपने मायके लौटने भर की कथा नहीं कहती, बल्कि ...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2009-2022 अनहद कोलकाता by मेराज.