धर्मेन्द्र राय की कविताएँ
1. उदासी राजू ! बहुत उदास है इसलिए नहीं कि –उसकी प्रेमिका ने छोड़ दिया है उसे !दुत्कार दिया है...
1. उदासी राजू ! बहुत उदास है इसलिए नहीं कि –उसकी प्रेमिका ने छोड़ दिया है उसे !दुत्कार दिया है...
थोड़ी सी ज़मीं, थोड़ा आसमां...- जयश्री रॉय ( लमही से साभार)वीलो के एक अधझड़े पेड़ की छांव के परे धूप...
अंकिता पंवार कविता की दुनिया में एक ताजी आवाज है - एक ताजा हस्तक्षेप। उनकी कविताएँ एक स्त्री की...
समाज के दर्द को दर्शाती कविताएँ एक देश और मरे हुए लोग विमलेश त्रिपाठी का दूसरा कविता संग्रह है जो शीघ्र...
सामाजिक सरोकारों को पूरी करती कविताएँ- प्रदीप कान्तमहज लिखनी नहीं होती हैं कविताएँ/शब्दों की महीन लीक पर तय करनी होती...
कविता का जनपदडॉ.ऋषिकेश राय1. संग्रह की कविताएं विषयों के अनुसार उपशीर्षकों में विभाजित हैं। आत्माभिव्यक्ति की कविताएं ‘इस तरह मैं’,...
कथाकार एवं आलोचक राकेश बिहारी के अतिथि संपादकत्व में निकट का एक ऐसा अंक छपकर आया है जो अपनी सामग्री...
अर्चना राजहंस मधुकर की कविताएं उनके अपने जीवन की जद्दोजहद से उपजी हैं। इनकी कविताओं में स्त्री की पीड़ा के...
जयश्री रॉयजयश्री रॉय समकालीन युवा कथालेखन के क्षेत्र में एक सुपरिचित नाम हैं। आज अनहद पर पढ़ते हैं उनकी एक...
आखेटक समय का प्रतिपक्ष - राकेश बिहारी(हंस, मार्च, 2013) पुस्तक : दस्तख़त तथा अन्य कहानियां (कहानी-संग्रह)लेखिका : ज्योति कुमारीप्रकाशन : वाणी प्रकाशन,...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2009-2022 अनहद कोलकाता by मेराज.