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कविता संग्रह ‘हम बचे रहेंगे’ का विमोचन, एक रिपोर्ट

विमलेश की कविताएं समकालीन कविता में सार्थक हस्तक्षेप करती हैं – केदारनाथ सिंह विमलेश त्रिपाठी का काव्य संग्रह 'हम बचे रहेंगे' का लोकार्पणकोलकाता की महत्वपूर्ण संस्था सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन की ओर से 27...

प्रेमचंद गांधी की लंबी कविता भाषा की बारादरी

प्रेमचंद गांधीभाई प्रेमचंद की यह कविता जितनी सहजता और साफगई से कई रहस्यों पर से पर्दा उठाती है, वह काबिले तारीफ है। दरअसल प्रेमचंद गांधी तमाम जोडतोड़ से अलग एक इमानदार और...

दिनेश त्रिपाठी ‘शम्स’ की चार गजलें

दिनेश त्रिपाठी 'शम्स'  हिन्दी ग़ज़ल लेखन की दुनिया में एक जाना पहचाना नाम है। अनहद पर प्रस्तुत है इस बार दिनेश जी की चार ताजा ग़ज़लें। आपकी बेबाक प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।(एक)                                                              आईने...

महेश पुनेठा की कविताएं

महेश पुनेठा हिन्दी कविता में सक्रिय एक महत्वपूर्ण नाम है। महेश जी की कविताएं जीवन संघर्षों से प्राप्त ऊर्जा को प्रतीकित करती हैं। उनकी कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सहजता है, एक...

संजय राय की कविताएं

संजय राय की कविताएं अनहद पर हम पहले भी पढ़ चुके हैं। संजय की कविताएं अपने कहन की अलहदापन के कारण आश्वस्त करती हैं। इस बार प्रस्तुत है उनकी कुछ ताजी कविताएं....संजय...

नील कमल की एक गज़ल

उसका नाम सरस्वती था । यह बात उसे भी ठीक से पता नहीं थी । वह अपना नाम सुरसतिया या सुरसती ही बताती । नालन्दा के आस पास की रहने वाली ।...

देश भीतर देश – प्रदीप सौरभ (एक अंश)

प्रदीप सौरभअभी कुछ दिन पहले ही प्रदीप सौरभ का आने वाला उपन्यास “देश भीतर देश” पढ़कर खत्म किया है। मैं कुछ उन सौभाग्यशालियों में हूं जिन्हें यह उपन्यास एक दम टटका-टटका पढ़ने को मिला।...

राहुल सिंह एक अलग अंदाज में

बहुत पहले यहां  राहुल सिंह की कविताएं आप पढ़ चुके हैं..। राहुल एक अच्छे कथाकार भी हैं..। कई कहानियां चर्चित हो चुकी हैं। अभी-अभी उन्होंने एक नई कहानी लिखनी शुरू की है।...

समकालीन कविता पर नील कमल -2

अभी न होगा मेरा अंत -2नील कमलआलोचक का ज़रूरी काम अच्छी कविताओं को सामने लाने के साथ-साथ कमज़ोर कविता को हतोत्साहित करना भी है("कवियों की पृथ्वी", अरविन्द त्रिपाठी)। बेशक, यह आलोचना का...

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