उज़्मा सरवत बीनिश की कविताएँ
उज़्मा सरवत बीनिश उज़्मा सरवत बीनिश ने अभी-अभी कविताओं की दुनिया में प्रवेश किया है लेकिन कितनी बोलती-चुप और सधे कदमों से। उनकी कविताओं के बहुत से रंग हम भविष्य में देख...
उज़्मा सरवत बीनिश उज़्मा सरवत बीनिश ने अभी-अभी कविताओं की दुनिया में प्रवेश किया है लेकिन कितनी बोलती-चुप और सधे कदमों से। उनकी कविताओं के बहुत से रंग हम भविष्य में देख...
राहुल राजेश राहुल राजेश समकालीन कविता के सशक्त हस्ताक्षर हैं। उनकी प्रस्तुत कविताओं में कोलकाता शहर के अलग-अलग रंग हैं। उन्होंने इस शहर में रहते हुए इस पुराने शहर को न केवल...
गोलगप्पे वाला पूर्व गोपाल नगर मंदिर बाजार, 24 परगना, पश्चिम बंगाल लगभग छः पुस्तों से ये लोग डायमंड हार्बर से एक घण्टे की दूरी पर रह रहे हैं। यह गांव मुझे सचमुच अजूबा...
बाघ से भेंट मृत्युंजय पाण्डेय कवि केदारनाथ सिंह मेरे प्रिय कवियों में से एक हैं । मेरे ही क्या वे बहुतों के प्रिय कवि हैं । बहुतों के आदर्श भी । उनसे...
अर्पण कुमार अर्पण कुमार पिछले ढाई दशकों से कविता की दुनिया में सक्रिय हैं और अब तक उनके तीन संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जो अपने तेवर और कंटेट के मामले में...
कृष्णमोहन झा के कविता का संसार पृथ्वी और आकाश से लेकर चिटियों तक फैला हुआ है – कवि की स्मृतियाँ कई बार चकित करती हैं और चकित करता है उन स्मृतियों...
सलीका चाहिए आवारगी में (सन्दर्भ ‘आवारा मसीहा’) वंदना चौबे “बहुत मुश्किल है बंजारा मिज़ाजी सलीका चाहिए आवारगी में” ...
विनय कुमार की कविताएँ सहज-सरल होती हुई भी सतर्कता और ध्यान रखकर पढ़ने की मांग करती हैं। वे जिस विषय पर कविता लिख रहे होते हैं उसके बाह्य के साथ अभ्यंतर...
फड़फड़ाती जुगुप्सा, निराशा और भय के बीच कहानीः उपन्यास 'हरामी' यतीश कुमार कुछ किताबें शुरुआती पन्नों से ही पाठकों को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर देती हैं। अपने अलग मिज़ाज़ और...
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