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जुनैद की हिमायत में – प्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदी

जुनैद की हिमायत मेंप्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदीप्रो. जगदीश्वर चतुर्वेदीआरएसएस और उनके समर्थकों में गजब की क्षमता है कह रहे हैं आरएसएस के बारे में ´षडयंत्र´के रुप में न देखें, हर घटना में न...

‘दुश्चक्र में स्रष्टा पर विमलेश शर्मा का जरूरी आलेख

घनीभूत और सुसंगठित वेदना की विनम्र मगर गर्वीली अभिव्यक्ति: दुश्चक्र में स्रष्टाविमलेश शर्मामसला मनुष्य का है इसलिए हम तो हरगिज़ नहीं मानेंगें कि मसले जाने के लिए ही बना है मनुष्य!! (स्याही-ताल,काव्य...

विनीता परमार की कविताएँ

विनीता परमार विनीता परमार की कविताओं पर पहली बार नजर फेसबुक पर ही गई। खास बात यह लगी कि इन कविताओं में प्रकृति और पर्यावरण की गहरी चिन्ता है।  इस कवि की...

विक्रम-बेताल की नई कहानियाँ – विमलेन्दु

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI विमलेन्दुविमलेन्दु को मैं बहुत अच्छे कवि के रूप में जानता हूँ लेकिन इस बीच उन्होंने उम्दा गद्य भी लिखा है। यहाँ प्रस्तुत कहानियाँ अपने...

भूमि अधिग्रहण का ‘पुरस्कार’ – मृत्युंजय पाण्डेय

भूमि अधिग्रहण का ‘पुरस्कार’मृत्युंजय पाण्डेयमृत्युंजय पाण्डेय युवा आलोचक और प्राध्यापक हैं।‘पुरस्कार’कहानी की शुरुआत ‘भूमि अधिग्रहण’के उत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह  से होती है । कोशल के राष्ट्रीय नियम के नाम पर कृषक...

बिहार, बिहारी और बिहारी संस्कृति – डॉ. ऋषि भूषण चौबे

बिहार, बिहारी और बिहारी संस्कृतिडॉ. ऋषि भूषण चौबेडॉ. ऋषि भूषण चौबे'एक बिहारी सौ पर भारी'  अक्सर हंसी -मजाक के क्षणों में, यह जुमला देश के कई इलाकों में खूब चलता है। इसीतरह...

राष्ट्रवाद की लूट है… – अजय तिवारी

                           राष्ट्रवाद की लूट है...                         अजय तिवारी       अजय तिवारीराष्ट्र की सत्ता प्राचीन है, राष्ट्रवाद की अवधारणा आधुनिक. राष्ट्र का अस्तित्व भूभाग-आबादी-भाषा-संस्कृति-इतिहास की साझेदारी पर निर्भर है, राष्ट्रवाद का इस विश्वास...

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