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आखेटक समय का प्रतिपक्ष (ज्योति कुमारी के कहानी संग्रह पर राकेश बिहारी)

आखेटक समय का प्रतिपक्ष - राकेश बिहारी(हंस, मार्च, 2013) पुस्तक   : दस्तख़त तथा अन्य कहानियां (कहानी-संग्रह)लेखिका  : ज्योति कुमारीप्रकाशन : वाणी प्रकाशन, नई दिल्लीमूल्य      : 250 रुपये ------------------------------------------------------------------------युवा कथाकार ज्योति कुमारी का पहला कहानी-संग्रह ‘दस्तखत...

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ संकुचन – राकेश बिहारी

युवा कथाकार-आलोचक राकेश बिहारी कथा लेखन के साथ ही आलोचना में भी सक्रिय और महत् हिस्सेदारी रखते हैं। कथा संग्रह वह सपने बेचता था के अलावा अभी-अभी उनकी एक आलोचना की किताब...

पंकज पराशर की कविताएं

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI पंकज पराशर की ये कविताएं उनके पाकिस्तान प्रवास के दौरान लिखी गई हैं – इन कविताओं एक खास विशेषता यह है कि पंकज ने...

रामजी यादव की कविताएं

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI रामजी यादवरामजी यादव कहानी और कथा दोनों ही विधाओं में समान रूप से सक्रिय हैं। उनकी कहानियों में गांव और कस्बे की विद्रुपताएं अपने...

लेखक संगठनों की भूमिका और हिन्दीः नील कमल

लेखक संगठनों की भूमिका और हिन्दीःकुछ बेतरतीब खयालनील कमलनील कमलसोचता हूं कि इतने सारे मजहब न होते तो भी दुनिया इतनी ही सुंदर होती । लेकिन सोचने से क्या होता है ।...

केदारनाथ सिंह के काव्य में लोक संस्कृति और लोकतंत्र

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI   केदारनाथ सिंह के काव्य में लोक संस्कृति और लोकतंत्रविमलेश त्रिपाठी“पिछले 20-21 साल से दिल्ली में हूं, इससे पहले गांव से ज्यादा निकटता थी।...

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संजीव बख्शी की लंबी कविता – बस्तर का हाट

कवि-कथाकार संजीव बख्शी पिछले कई दशकों से कविता में सक्रिय रहे हैं। उनके लागातार आ रहे संकलन कविता में उनकी गहरी सक्रियता के प्रमाण हैं। संजीव जी की कविताएं सहज होने के साथ...

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