पंकज पराशर की कविताएं
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI पंकज पराशर की ये कविताएं उनके पाकिस्तान प्रवास के दौरान लिखी गई हैं – इन कविताओं एक खास विशेषता यह है कि पंकज ने...
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Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI रामजी यादवरामजी यादव कहानी और कथा दोनों ही विधाओं में समान रूप से सक्रिय हैं। उनकी कहानियों में गांव और कस्बे की विद्रुपताएं अपने...
लेखक संगठनों की भूमिका और हिन्दीःकुछ बेतरतीब खयालनील कमलनील कमलसोचता हूं कि इतने सारे मजहब न होते तो भी दुनिया इतनी ही सुंदर होती । लेकिन सोचने से क्या होता है ।...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI केदारनाथ सिंह के काव्य में लोक संस्कृति और लोकतंत्रविमलेश त्रिपाठी“पिछले 20-21 साल से दिल्ली में हूं, इससे पहले गांव से ज्यादा निकटता थी।...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI एक बड़े कवि की बड़ी कविताः नीम के फूलविमलेश त्रिपाठीएक कवि के बड़े होने की कसौटी क्या हो सकती है यह सवाल कविता पर...
कवि-कथाकार संजीव बख्शी पिछले कई दशकों से कविता में सक्रिय रहे हैं। उनके लागातार आ रहे संकलन कविता में उनकी गहरी सक्रियता के प्रमाण हैं। संजीव जी की कविताएं सहज होने के साथ...
कविताकविता जी की कहानियों में शिल्प की जहां सहजता है वहीं समय की जटिलता भी है। सहज शिल्प और बोधगम्य भाषा में अपनी बात को प्रभावी ढंग से कहना आज के किसी...
विमल चंद्र पाण्डेय -9820813904विमल का मेरे लिए परिचय बस इतना है कि वे यारों के यार हैं। मुझे याद आता है 2004 का वह साल जब पहली बार मेरी और उनकी भी...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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