‘दुश्चक्र में स्रष्टा पर विमलेश शर्मा का जरूरी आलेख
घनीभूत और सुसंगठित वेदना की विनम्र मगर गर्वीली अभिव्यक्ति: दुश्चक्र में स्रष्टाविमलेश शर्मामसला मनुष्य का है इसलिए हम तो हरगिज़ नहीं मानेंगें कि मसले जाने के लिए ही बना है मनुष्य!! (स्याही-ताल,काव्य...

