कविता

संकलन “कविता से लंबी उदासी” की एक कविता

सपना                                  गाँव से चिट्ठी आई है                                                                         और सपने में गिरवी पड़े खेतों कीफिरौती लौटा रहा हूँपथराये कंधे पर हल लादे...

स्त्रियां

एकइतिहास के जौहर से बच गई स्त्रियांमहानगर की अवारा गलियों में भटक रही थींउदास खुशबू की गठरी लिएउनकी अधेड़ आँखों...

कविता

जैसे एक लाल-पीलीतितलीबैठ गई होकोरे कागज पर नीर्भिकयाद दिला गई होबचपन के दिन....

वैसे ही आऊँगा

मंदिर की घंटियों की आवाज के साथरात के चौथे पहरजैसे पंछियों की नींद को चेतना आती हैकिसी समय के बवडर...

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