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| श्रीकांत दुबे -09873964044 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
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| श्रीकांत दुबे -09873964044 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
अनहद कोलकाता में प्रकाशित रचनाओं में प्रस्तुत विचारों से संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है. किसी लेख या तस्वीर से आपत्ति हो तो कृपया सूचित करें। प्रूफ़ आदि में त्रुटियाँ संभव हैं। अगर आप मेल से सूचित करते हैं तो हम आपके आभारी रहेंगे।
पहाड़ी लोक परंपरा को आधुनिकता से जोड़ता हुआ कविता संग्रह देवेश पथ सारिया उत्तराखंड के वरिष्ठ कवि भूपेंद्र बिष्ट का कविता संग्रह ‘गोठ में बाघ’ पढ़ा।...
अनिल गंगल इन कविताओं की प्रमुख विशेषता यह है कि कवि बड़े प्रश्नों को घोषणात्मक वैचारिकता के बजाय रोज़मर्रा के दृश्य, वस्तु और अनुभवों से जोड़कर...
शिवानी शांतिनिकेतन शिवानी ‘शांतिनिकेतन’ की यह कहानी केवल एक बेटी के अपने मायके लौटने भर की कथा नहीं कहती, बल्कि रिश्तों में छिपे भय, संकोच, अपराधबोध...
पल्लवी त्रिवेदी पल्लवी त्रिवेदी की इन कविताओं की बड़ी विशेषता यह है कि इनमें दैनिक जीवन के बेहद साधारण अनुभवों से गहरे दार्शनिक, मानवीय और अस्तित्वगत...
नई कविताएँ : अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश की ये नई कविताएँ अपने समय, समाज और व्यक्ति के भीतर घट रही...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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बहुत अच्छी कविताएं… बधाई
अरूण अभिषेक
प्यार में आदमी अभी तक जो नहीं हो पाया उसी को चिन्हित करती कितनी ताजादम कविताएं …वधाई !
एक अलग तरह का अहसास ,
बिलकुल हमारे अपने पास
कोई है जो बोल रहा है
हमें हमारी ही तरह से महसूस रहा है !
बहुत उम्दा,सरल शब्दों में सम्पूर्ण अभिव्यक्ति !
सरल शब्द,निखरी अभिव्यक्ति और सामान्य कथ्य शैली अपने आप में लेखन की नई आगज़ है |
भाई श्रीकांत की कविताओं में उनकी कहानियों सा 'गुरूत्वाकर्षण' है
बधाई
प्रदीप जिलवाने
nice collection