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| श्रीकांत दुबे -09873964044 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
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| श्रीकांत दुबे -09873964044 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
अनहद कोलकाता में प्रकाशित रचनाओं में प्रस्तुत विचारों से संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है. किसी लेख या तस्वीर से आपत्ति हो तो कृपया सूचित करें। प्रूफ़ आदि में त्रुटियाँ संभव हैं। अगर आप मेल से सूचित करते हैं तो हम आपके आभारी रहेंगे।
मज्झिम प्रतिपदा -3- भरत प्रसाद पिछले करीब 50 वर्षों से हिन्दी साहित्य "समकालीनता" की धारा में बहता चला जा रहा है। यह कोई आंदोलन या साहित्यिक...
राहुल झा राहुल झा की इन कविताओं में स्मृति, अनुपस्थिति, स्पर्श और दृश्य के भीतर छिपी मनुष्यता की एक बेहद कोमल और आत्मीय दुनिया आकार लेती...
समकालीन वैश्विक बहस में यह प्रश्न और जटिल हुआ है। यौन उत्पीड़न, नस्लवाद, स्त्री-विरोध, राजनीतिक दमन अथवा अन्य अनैतिक आचरण के आरोपों से घिरे लेखकों की...
नवीन रांगियाल नवीन रांगियाल की इन कविताओं में प्रेम, विरह, स्मृति, अकेलेपन और मृत्यु के अनुभवों से गुजरते हुए जीवन की उन महीन संवेदनाओं को अभिव्यक्ति...
लोचन कोना-7 — प्रफुल्ल कोलख्यान प्रेमचंद के विचार से — साहित्य अपने सर्वोत्तम रूप में जीवन की आलोचना है। हमारी कसौटी पर वही साहित्य खरा उतरेगा,...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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बहुत अच्छी कविताएं… बधाई
अरूण अभिषेक
प्यार में आदमी अभी तक जो नहीं हो पाया उसी को चिन्हित करती कितनी ताजादम कविताएं …वधाई !
एक अलग तरह का अहसास ,
बिलकुल हमारे अपने पास
कोई है जो बोल रहा है
हमें हमारी ही तरह से महसूस रहा है !
बहुत उम्दा,सरल शब्दों में सम्पूर्ण अभिव्यक्ति !
सरल शब्द,निखरी अभिव्यक्ति और सामान्य कथ्य शैली अपने आप में लेखन की नई आगज़ है |
भाई श्रीकांत की कविताओं में उनकी कहानियों सा 'गुरूत्वाकर्षण' है
बधाई
प्रदीप जिलवाने
nice collection