पहाड़ी लोक परंपरा को आधुनिकता से जोड़ता हुआ कविता संग्रह – देवेश पथ सरिया
पहाड़ी लोक परंपरा को आधुनिकता से जोड़ता हुआ कविता संग्रह देवेश पथ सारिया उत्तराखंड के वरिष्ठ कवि भूपेंद्र बिष्ट का ...
अनहद कोलकाता पूर्णतः अव्यवसायिक एक बेव पत्रिका है जो साहित्य संस्कृति आदि को समर्पित है।
पहाड़ी लोक परंपरा को आधुनिकता से जोड़ता हुआ कविता संग्रह देवेश पथ सारिया उत्तराखंड के वरिष्ठ कवि भूपेंद्र बिष्ट का ...
अनिल गंगल इन कविताओं की प्रमुख विशेषता यह है कि कवि बड़े प्रश्नों को घोषणात्मक वैचारिकता के बजाय रोज़मर्रा के ...
शिवानी शांतिनिकेतन शिवानी ‘शांतिनिकेतन’ की यह कहानी केवल एक बेटी के अपने मायके लौटने भर की कथा नहीं कहती, बल्कि ...
पल्लवी त्रिवेदी पल्लवी त्रिवेदी की इन कविताओं की बड़ी विशेषता यह है कि इनमें दैनिक जीवन के बेहद साधारण अनुभवों ...
नई कविताएँ : अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश अदनान कफ़ील दरवेश की ये नई कविताएँ अपने समय, समाज ...
जुवि शर्मा जुवि शर्मा की ‘अबोली की डायरी’ एक ऐसी स्त्री के अंतर्मन की यात्रा है, जो रिश्तों, उपेक्षा, अवसाद, ...
विमल चन्द्र पाण्डेय विमल चन्द्र पाण्डेय ने कथा लेखन की एक लंबी यात्रा की है और हमें कई यादगार कहानियाँ ...
प्रकाशकः साहित्य अकादमी साहित्य अकादमी, दिल्ली से प्रकाशित अंकिता रासुरी का पहला कविता संग्रह 'अधूरे प्रेम की पूरी दुनिया’ प्रेम, ...
नराकास, कोलकाता (कार्यालय-2) के तत्वावधान में सीएसआईआर-केन्द्रीय काँच एवं सिरामिक अनुसंधान संस्थान, कोलकाता में दिनांक 30.03.2026 को ‘आत्मनिर्भर भारत लक्ष्य ...
ललन चतुर्वेदी की कविताओं की सहजता एवं संवेदनशीलता तो आकर्षित करती ही है, उन कविताओं के विषय भी कम ...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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