आनंद गुप्ता की कविताएँ पहली बार अनहद पर।
आनंद गुप्ता बहुत पहले आनंद गुप्ता की कविताएँ पढ़ने-सुनने को मिली थीं। करीब 15 साल पहले की बात होगी जब आनंद कविताएँ लिखने की शुरूआत कर रहे थे और हमें लग रहा था...
आनंद गुप्ता बहुत पहले आनंद गुप्ता की कविताएँ पढ़ने-सुनने को मिली थीं। करीब 15 साल पहले की बात होगी जब आनंद कविताएँ लिखने की शुरूआत कर रहे थे और हमें लग रहा था...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 कल्पना झाकल्पना झा मूलतः रंगकर्मी हैं। कॉलेज के दिनों से ही मंच पर अभिनय करती रही हैं और दर्शकों का दिल जीतती रही...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 इंदिरा दाँगी समकालीन युवा कथा साहित्य के क्षेत्र में एक चर्चित नाम है। उनका पहला कहानी संग्रह ‘एक सौ पचास प्रेमिकाएँ’ ही बहुत...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 अभिज्ञात का नया काव्य संग्रह आया है ‘बीसवीं सदी की आख़िरी दहाई’ इसमें एक लम्बी कविता तलाक समस्या पर है-‘भग्न नीड़ के आर-पार’।...
साहित्य की नई सुबह कब आएगी ?भरत प्रसाद पृथ्वी पर आज तक विकास के जितने आश्चर्य दिखे या दिख रहे हैं, उसका सूत्रधार कौन है ? आगे अभी न जाने कितने चमत्कारी...
संतोष अलेक्ससंतोष अलेक्स युवा कवि और अनुवादक हैं। उनके कई संग्रह सहित अनुवाद की कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। संतोष सरल-सहज भाषा के साथ गहरी संवेदना के कवि हैं। आज उनका जन्मदिन...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI यात्रा और यात्री का आख्यानः अन्तिम अरण्यडॉ0 शिवानी गुप्ताभाषायी सादगी और रोमानियत के बारीक बिन्दुओं को आत्मसात करता निर्मल वर्मा का लेखन हिन्दी साहित्य...
Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI MicrosoftInternetExplorer4 यह सन्नाटा कब टूटेगा...? (यह कहानी दीवार में रास्ता संग्रह से साभार) तेजेन्द्र शर्मा आज फिर अलार्म सुबह 5.15 पर बज उठा। वह यंत्रवत्...
अंकिता पंवारप्रकाशन- द पब्लिक एजेंडा, वागर्थ, लमही, साक्षात्कार, अमर उजाला, नई धारा, लोक गंगा आकंठ आदि में रचनाएं प्रकाशितजन्म -टिहरी गढवाल उत्तराखंडसंप्रति-पत्रकारितामोबाइल 8860258753ई-मेल- 1990ankitapanwar@gmail.coपरिकथा के जनवरी-फरवरी नवलेखन अंक में प्रकाशित कविताएँ। परिकथा...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2009-2022 अनहद कोलकाता by मेराज.