समीक्षा

मंगलेश डबराल के कविता संग्रह ‘नये युग में शत्रु’ पर युवा कवि संजय राय

Normal 0 false false false EN-US X-NONE HI समकालीन जीवन के साथ नए डिस्कोर्स से पैदा हुई कविताएँ                                                                  Ø...

‘दुश्चक्र में स्रष्टा पर विमलेश शर्मा का जरूरी आलेख

घनीभूत और सुसंगठित वेदना की विनम्र मगर गर्वीली अभिव्यक्ति: दुश्चक्र में स्रष्टाविमलेश शर्मामसला मनुष्य का है इसलिए हम तो हरगिज़...

‘एक देश और मरे हुए लोग’ पर डॉ. ऋषिकेश राय की समीक्षा

कविता का जनपदडॉ.ऋषिकेश राय1.     संग्रह की कविताएं विषयों के अनुसार उपशीर्षकों में विभाजित हैं। आत्माभिव्यक्ति की कविताएं ‘इस तरह मैं’,...

Page 1 of 2 1 2

POPULAR POSTS