सरिता सैल की कहानी – रमा
सरिता सैल सरिता सैल कवि एवं अध्यापक हैं। खास बात यह है कि कर्नाटक के कारवार कस्बे में रहते हुए...
सरिता सैल सरिता सैल कवि एवं अध्यापक हैं। खास बात यह है कि कर्नाटक के कारवार कस्बे में रहते हुए...
महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च 1907 हुआ था। 80 साल के जीवनकाल में उन्होंने महान कवियित्री, प्राचार्य, उप-कुलाधिपति तथा...
रंजीता सिंह 'फलक' चुप्पी प्रेम की भाषा है रंजीता सिंह फलक जी का नवीनतम कविता संग्रह है जो वाणी प्रकाशन...
अनहद कोलकाता एवं बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 4था अनहद कोलकाता सम्मान समारोह 1 मार्च...
पहली तनख़्वाह विनीता बाडमेरा विनीता बाडमेरा आज फिर उदासी तारी है,यह उदासियां जाती नहीं।करूं तो क्या? कितना मोबाइल,कितना...
सोनी पाण्डेय की कविताएँ रोजमर्रा के जीवन अनुभव से उपजी कविताएँ हैं जो हमें उन स्त्रियों के पास ले जाती...
आधुनिक हिंदी कविता को समृद्ध करती कविताएँ राम पांडेय इक्कीसवीं सदी के बीते दो दशकों में अपनी अलग...
हंसा दीप का नाम प्रवासी रचनकारों में महत्वपूर्ण है। वे दीर्घ काल से रचनारत हैं और हिन्दी कहानी के क्षेत्र...
ललन चतुर्वेदी ललन चतुर्वेदी के नए संग्रह यह देवताओं के सोने का समय है का केन्द्रीय भाव देवता नहीं बल्कि...
समकालीन कविता के एक महत्त एवं जरूरी कवि, कथाकार, आलोचक एवं चिंतक जितेन्द्र श्रीवास्तव का आज जन्म दिन है। अनहद...
अनहद कोलकाता साहित्य और कलाओं की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है। डिजिटल माध्यम में हिंदी में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘अनहद कोलकाता’ का प्रकाशन 2009 से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है। यह पत्रिका लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रगतिशील चेतना के प्रति प्रतिबद्ध है। यह पूर्णतः अव्यवसायिक है। इसे व्यक्तिगत संसाधनों से पिछले 12 वर्षों से लागातार प्रकाशित किया जा रहा है। अब तक इसके 500 से भी अधिक एकल अंक प्रकाशित हो चुके हैं।
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