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| निशांत – 9239612662 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
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| निशांत – 9239612662 |
हस्ताक्षर: Bimlesh/Anhad
अनहद कोलकाता में प्रकाशित रचनाओं में प्रस्तुत विचारों से संपादक की सहमति आवश्यक नहीं है. किसी लेख या तस्वीर से आपत्ति हो तो कृपया सूचित करें। प्रूफ़ आदि में त्रुटियाँ संभव हैं। अगर आप मेल से सूचित करते हैं तो हम आपके आभारी रहेंगे।
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बेबी शॉ बेबी शॉ की कविताएँ सहज मन से उपजी कोमल गान की तरह हैं जो बहुत देर तक हमारे जेहन में ठहर कर हमें कुछ...
जयमाला जयमाला की कविताएं स्तरीय पत्र - पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहीं हैं। प्रस्तुत कविताओं में स्त्री मन के अन्तर्द्वन्द्व के साथ - साथ गहरी...
शालू शुक्ला कई बार कविताएँ जब स्वतःस्फूर्त होती हैं तो वे संवेदना में गहरे डूब जाती हैं - हिन्दी कविता या पूरी दुनिया की कविता जहाँ...
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विचारोतेजक रचना …
वाह क्या सही विश्लेषण किया है।
ये सारे नाम वहीं से आते हैं
जहां मिट्टी पानी से सना रहता है हाथ
धूप से भीगा रहता है सर……
एक सुन्दर और प्रभावशाली कविता …
बहुत बढ़िया रचना पढ़वाई…धन्यवाद…
सुन्दर कविता ||
आभार ||