जैसे एक लाल-पीली
तितली
बैठ गई हो
कोरे कागज पर नीर्भिक
याद दिला गई हो
बचपन के दिन….
भोर होने से पहले : राकेश कुमार सिंह
वरिष्ठ एवं चर्चित कथाकार राकेश कुमार सिंह की यह कहानी पलामू के जंगल-पठार, आदिवासी जीवन और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पृष्ठभूमि में आधुनिक चिकित्सा, अंधविश्वास और...





